Stay Tuned
Subscribe To Our Newsletter

Login







Story From Sudyumna To Ila | सुद्युम्ना से इला तक की कहानी
blog

Story From Sudyumna To Ila | सुद्युम्ना से इला तक की कहानी

By on May 2, 2018

Story From Sudyumna To Ila | सुद्युम्ना से इला तक की कहानी

 

सूर्य और संध्या के बेटे मनु का श्रद्धा से विवाह हुआ था। ऋषि वशिष्ठ ने उनके कहने पर पुत्रकामेष्टि यज्ञ का आयोजन किया।लेकिन रानी ने भगवान से प्रार्थना की कि एक लड़की ही उनके घर में पैदा हो। नतीजतन, एक बेटी का जन्म उनके घर में हुआ, उन्होंने उसे इला नाम दिया। लेकिन राजा ने ऋषि वशिष्ठ से कहा कि वो इसे एक पुत्र में परिवर्तित कर दें। लेकिन राजा ने ऋषि वशिष्ठ से कहा कि वो इस शिशु को एक पुत्र में परिवर्तित कर दें। बाद में उस शिशु को सुद्युम्ना नाम दिया गया। एक दिन सुद्युम्ना शिकार के लिए जंगल में गया था। मेरु माउंटेन की तलहटी पार करते हुए सुद्युम्ना अपने मंत्रियों के साथ जंगल पहुंचे। वह जंगल माता पार्वती और भगवान शिव का वैवाहिक निवास था। जैसे ही सुद्युम्ना और उनके सहयोगियों ने जंगल में प्रवेश किया, वो सभी महिलाओं में परिवर्तित हो गए। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि बहुत समय पहले एक बार माता पार्वती भगवान शिव की गोद में बैठी हुई थीं और कुछ महान ऋषि भगवान के दर्शन के लिए वहां आए। उन्हें देखकर, पार्वती बहुत शर्मिंदगी महसूस कर रही थीं। जब ऋषियों ने देखा कि भगवान शिव और माता पार्वती प्यार का आनंद ले रहे हैं, तो वे सभी नर-नारायण के आश्रम चले गए। भगवान शिव ने मां पार्वती को प्रसन्न करने के लिए कहा, कि यदि मेरे अलावा कोई भी व्यक्ति यहां प्रवेश करेगा, तो वह एक औरत बन जायेगा। भगवान शिव द्वारा कहे गए शब्दों के कारण, सुद्युम्ना और उनके सहयोगियों को महिलाओं में परिवर्तित होना पड़ा। जब सुद्युम्ना महिला के रूप में घूम रही थी तभी चंद्रा के पुत्र बुध को उससे प्यार हो गया और उन्होंने शादी करने का निर्णय लिया। शादी के बाद उन्हें एक पुत्र भी हुआ जिसका नाम पुरूरवस् था। सुद्युम्ना ने इस महिला अवतार से मुक्त होने लिए भगवान शिव से प्रार्थना की। भगवान शिव ने उन्हें आशीर्वाद दिया की वह एक महीने के लिए पुरुष और एक महीने के लिए महिला होगा। और यह चक्र लंबे समय तक जारी रहेगा। इसके बाद,  सुद्युम्ना अपने राज्य लौट आए और निश्चितता के साथ शासन करना शुरू कर दिया। बाद में, उनके उत्कल, गया और विनताश्व नाम के तीन बेटे हुए। अपने जीवन के अंत में, सुद्युम्ना ने अपना सारा साम्राज्य पुरूरवस् को दिया और निर्वासन ले लिया।

 

loading…


TAGS
RELATED POSTS

LEAVE A COMMENT