Login






When And How Did Iltutmish Save Indian Civilization? | इल्तुतमिश ने भारतीय सभ्यता को कब और कैसे बचाया?
blog

When And How Did Iltutmish Save Indian Civilization? | इल्तुतमिश ने भारतीय सभ्यता को कब और कैसे बचाया?

By on July 7, 2018

When And How Did Iltutmish Save Indian Civilization? | इल्तुतमिश ने भारतीय सभ्यता को कब और कैसे बचाया?

 

यह उस समय की बात है, जब भारत में इल्तुतमिश का शासन था, उसी दौर में चंगेज खान नाम का मध्य एशिया में एक महान मंगोलियाई सम्राट हुआ करता था। वह इतना क्रूर था कि उसने लाखों लोगों की हत्या की थी। यहां तक ​​कि उसके पड़ोसी राज्य भी उसके डर की वजह से उसका सम्मान करते थे। चंगेज खान ख्वारज़मियन राजवंश (आज का ईरान और मध्य एशिया) के शासक आला उद-दीन मोहम्मद के साथ दोस्ती करना चाहता था। चंगेज खान अपनी दोस्ती को आगे बढ़ाने के लिए आला उद-दीन मोहम्मद को एक सुन्दर सी उपहार की टोकरी भेजता है। लेकिन आला उद-दीन ने इसका उल्टा किया और क्रोध में आकर उसने हर उस शख्स को मार दिया जो वहां उपहार लेकर आया था। बाद में चंगेज खान ने अपने लापता लोगों की पूछताछ के लिए 3 शाही राजदूतों (एक मुस्लिम और दो मंगोल) को भेजा। क्यूंकि वो अभी भी दोस्ती करना चाहता था। आला उद-दीन का अभी भी चंगेज खान के साथ मित्रता का कोई इरादा नहीं था, इसलिए उसने दोनों मंगोल राजदूतों के सिरों को मुंडवा दिया और मुस्लिम राजदूत का सिर काट दिया। मृत आदमी के सिर को उसने गंजे पुरुष के हाथों भेजकर ये स्पष्ट कर दिया था कि वो इस दोस्ती के बिलकुल पक्ष में नहीं है। चंगेज खान को अपना ये अपमान बिलकुल बर्दाश्त नहीं हुआ और उसने अपने 250,000 सैनिकों के साथ ख्वारज़मियन  साम्राज्य पर हमला कर दिया। इसके बाद शुरू हुआ मानव इतिहास का सबसे निर्दयी युद्ध जिसमे ख्वारज़मियन शहरों को पूरी तरह से तबाह कर दिया गया। लाखों नागरिकों और सैनिकों की बड़ी निर्दयता पूर्वक हत्या कर दी गई थी। आला उद-दीन ने कैस्पियन समुद्र के मार्ग से होते हुए भागने की कोशिश की और अंत में उसकी चोटों की वजह से उसका निधन हो गया। अगर आला उद-दीन चंगेज खान के उपहारों को स्वीकार कर लेता तो शायद उसकी मौत नहीं होती। आला उद-दीन की मौत के बाद भी यह युद्ध सम्पत नहीं हुआ था। जलाल उद-दीन  जो की आला उद-दीन का बेटा था उसने अफ़ग़ानिस्तान में यह युद्ध जारी रखा, लेकिन अंत में उसे भी हार का सामना करना ही पड़ा। जलाल बाद में अपनी जान बचाने के लिए भारत की तरफ चल दिया। लेकिन इल्तुतमिश ने उसे भारत में शरण नहीं दी। क्या होता अगर इल्तुतमिश, जलाल उद-दीन को भारत में शरण दे देता?  भारत को भी मंगोल साम्राज्य का सामना करना पड़ता और भारतीय इतिहास आज जैसा है, शायद वैसा नहीं होता। तो यह कहना गलत नहीं होगा की इल्तुतमिश ने अनजाने में भारतीय सभ्यता को बचाया।

 

loading…


TAGS
RELATED POSTS
1 Comment
  1. Reply

    Fiyaa

    July 9, 2018

    Thanksa lot for the post.Really thank you! Much obliged.

LEAVE A COMMENT